खरपतवारनाशी रसायन पैराक्वेट के सुरक्षित प्रयोग के दिए दिशानिर्देश

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बिजनौर। उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त किसानों और कीटनाशक विक्रेताओं के लिए खरपतवारनाशी रसायन पैराक्वेट डाइक्लोराइड 24: एस.एल. के प्रयोग को लेकर सी.आई.बी. एण्ड आर.सी. फरीदाबाद द्वारा इस रसायन की संस्तुति विभिन्न फसलों के लिए की गई है।

चूँकि पैराक्क्रेट एक अत्यंत शक्तिशाली नॉन- सिलेक्टिव कॉन्टैक्ट शाकानाशी है यह खरपतवारों को नष्ट करने में बहुत प्रभावी है और किसानों के बीच लोकप्रिय है इसके यही गुण इसे मनुष्यों और जानवरों के लिए अत्यंत विषैला भी बनाते हैं। उक्त जानकारी देते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी बिजनौर जसवीर सिंह तेवतिया ने आगे बताया कि इसके असुरक्षित प्रयोग से जल भी दूषित होता है।

पैराक्वेट का प्रयोग केवल संस्तुत फसलों पर और संस्तुत समय पर ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका अंधाधुंध प्रयोग न करें। इसकी अत्यधिक विषैली प्रकृति को देखते हुए प्रयोग के समय पूरी सावधानी बरतें ( मास्क ग्लव्स पहनना) और इसे बच्चों व पशुओं की पहुँच से दूर रखें। किसान पैराक्वेट के सुरक्षित वैकल्पिक रसायनों को प्राथमिकता दें। विभाग द्वारा सुझाए गए कुछ प्रमुख विकल्प व ग्लूफ्फफेसिनेट अमोनियम व काफैंट्राजोन- इथाइल साफ्लुफेनासिल व फ्लुमिओक्साजिन ऑक्सीफ्लोरफेन व पेंडिमेथालिन एवं अन्य प्री-इमरजेंट (बुवाई से पहले/तुरंत बाद वाले) खरपतवारनाशी। कीटनाशक विक्रेता किसानों को पैराक्वेट बेचते समय इसकी विषाक्तता के बारे में अनिवार्य रूप से जानकारी दें और उन्हें इसके सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करें तथा विक्रेता किसानों को पैराक्क्रेट के स्थान पर ऊपर दिए गए वैकल्पिक सुरक्षित रसायनों को खरीदने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें वरीयता दें।

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