इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है और उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की सिंगल बेंच ने 29 अक्टूबर 2026 को यह बड़ा फैसला सुनाया, जिससे आजम खान और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
1. सजा निलंबित और जमानत मंजूर
- बड़ी राहत: कोर्ट ने दोनों की अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को निलंबित करने का आदेश दिया है।
- दोषसिद्धि पर रोक नहीं: हालांकि, कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की दोषसिद्धि (कनविक्शन) पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है। इसका मतलब है कि उनकी सजा पर तो रोक लगी है, लेकिन वे दोषी बने रहेंगे।
- 2. क्या है दो पैन कार्ड का मामला?
- आरोप: यह मामला साल 2019 का है, जिसमें आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो पैन कार्ड थे, जिनका इस्तेमाल सरकारी और चुनावी दस्तावेजों में किया गया।
- निचली अदालत का फैसला: रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में आजम खान को 10 साल और उनके बेटे अब्दुल्ला को 7 साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की थी।
3. क्या जेल से बाहर आएंगे आजम खान?
- तात्कालिक राहत: इस मामले में जमानत मिलने से दोनों के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होता दिख रहा है और उनके वकीलों के अनुसार वे अगले कुछ दिनों में बाहर आ सकते हैं।
- अन्य पेंडिंग मामले: हालांकि, आजम खान और उनके परिवार पर कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं, जिनमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग और जल निगम घोटाले से जुड़ी जांच शामिल है। इसलिए सभी मामलों में राहत मिलने के बाद ही उनकी पूरी रिहाई स्पष्ट हो पाएगी



