गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को थाना निवाड़ी क्षेत्र में गंगनहर पटरी पर हुई मुठभेड़ में बावरिया गिरोह के कथित कुख्यात अपराधी धर्मेंद्र उर्फ टिंडी उर्फ टिड्डी को मार गिराया। पुलिस के अनुसार, आरोपी गाज़ियाबाद के थाना मसूरी और बागपत के थाना खेकड़ा में दर्ज मामलों में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर दोनों जनपदों से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह आरोपी पर कुल एक लाख रुपये का इनाम था। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं, पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुए धर्मेंद्र को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके साथ बाइक पर सवार दो अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्टल, मैगजीन, कारतूस, खोखे, एक चोरी की बाइक और नकदी बरामद करने का दावा किया हैं।
मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच ने की घेराबंदी
पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद की ओर से जारी प्रेस नोट तथा डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच की ऑपरेशन टीम के प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि धर्मेंद्र उर्फ टिड्डी अपने साथियों के साथ थाना निवाड़ी क्षेत्र में गंगनहर के रास्ते से कहीं जाने वाला हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और स्वाट टीम के साथ गंगनहर पटरी पर मेरठ की ओर जाने वाले रास्ते के सामने घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब छह बजे गाज़ियाबाद की ओर से एक बाइक आती दिखाई दी, जिस पर तीन व्यक्ति सवार थे। पुलिस टीम ने बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया, लेकिन वे रुकने के बजाय तेज रफ्तार में बाईं ओर मुड़कर गंगनहर पटरी से मेरठ की दिशा में भागने लगे। इसके बाद क्राइम ब्रांच की ऑपरेशन टीम ने उनका पीछा किया।
कच्चे रास्ते पर फिसली बाइक, पेड़ों की आड़ लेकर फायरिंग
पुलिस के अनुसार, पीछा किए जाने के दौरान बाइक सवार बदमाशों ने आगे जाकर बाइक को बाईं ओर कच्चे रास्ते पर मोड़ दिया। तेज रफ्तार के कारण बाइक फिसल गई और तीनों बदमाश बाइक सहित गिर पड़े। इसके बाद बदमाश बाइक छोड़कर पेड़ों की आड़ में छिप गए और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने लगे। पुलिस का कहना हैं कि बदमाशों की गोली लगने से हेड कांस्टेबल अमित कुमार, हेड कांस्टेबल विनीत कुमार और हेड कांस्टेबल हिमांशु मलिक घायल हो गए। इसके अलावा, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार और हेड कांस्टेबल वरुण वीर सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी एक-एक गोली लगी। वहीं, क्राइम ब्रांच ऑपरेशन टीम के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार के कान के पास से गोली निकलने की बात प्रेस नोट में बताई गई हैं। पुलिस के मुताबिक, आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे और भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर फरार हो गए।


