उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व देश की ऊर्जा क्षेत्र की सर्वाेच्च सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि भारत सरकार के अंतर्गत सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी द्वारा 1 अप्रैल 2026 से प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके बावजूद प्रदेश की बिजली कंपनियां नए उपभोक्ताओं को केवल प्रीपेड कनेक्शन ही दे रही हैं, जो कि केंद्रीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। सभी को पता है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) पहले से ही उपभोक्ताओं को प्रीपेड हुआ पोस्टपेड का विकल्प देता है जो देश का राष्ट्रीय कानून है पावर कॉरपोरेशन उसका भी उल्लंघन लगातार करता चला रहा है जिससे पूरे प्रदेश में सरकार की छबि धूमिल हो रही है।
उन्होंने उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2 अप्रैल से 19 अप्रैल 2026 के बीचरू
कुल 94,471 आवेदन प्राप्त हुए
37,701 उपभोक्ताओं के निरीक्षण पूरे हुए
42,301 आवेदन स्वीकृत हुये
8,341 बिजली कनेक्शन जारी किए गए
12,630 कनेक्शन अभी लंबित हैं


