
जयपुर । एशियन गेम्स में क्रिकेट टीम ने गोल्ड जीता तो एयरपोर्ट पर ऐसा स्वागत हुआ मानो देश आजाद हो गया हो। फूलों की बारिश, ढोल-नगाड़े, मंत्री-अधिकारी कतार में खड़े, कैमरे फ्लैश मारते… सिस्टम ने कमर तक झुका दी।
और इधर राजस्थान की बेटी सोनम कोली?
गले में देश का गोल्ड मेडल झूलाए लौटीं… और एयरपोर्ट पर खुद झुककर जमीन से गेंदे की माला उठाई।
सिस्टम ने कहा होगा—“अरे भाई, ये क्रिकेट थोड़ी न है! ये तो… राजस्थान टीम है। स्वागत का बजट तो क्रिकेट वालों पर खर्च हो गया।”
वीडियो देखकर लगता है जैसे सिस्टम ने सोनम को ट्रेनिंग दी हो—
“बेटी, मेडल जीतना सीख लिया न? अब माला उठाना भी सीख लो। क्रिकेट वालों के लिए हम उठाएंगे, तुम्हारे लिए तुम खुद ही उठा लो।”
क्रिकेट का गोल्ड = राष्ट्रीय उत्सव
सोनम का गोल्ड = “अरे, ये भी कोई खेल है क्या?”
एक तरफ क्रिकेट टीम के लिए सिस्टम का सिर झुकता है, दूसरी तरफ सोनम को खुद झुकना पड़ता है।
एक तरफ फूलों की बारिश, दूसरी तरफ जमीन की धूल।
एक तरफ कैमरे और माइक, दूसरी तरफ अकेली लड़की और उसका मेडल।
शायद सिस्टम का नया फॉर्मूला है—
“गोल्ड मेडल तो सबका एक जैसा है… लेकिन स्वागत का रेट अलग-अलग है।”
अब सोनम को क्या कहें?
बधाई तो दो… लेकिन साथ में ये भी बता दो कि अगली बार मेडल के साथ-साथ अपनी माला भी घर से लेकर जाना, ताकि सिस्टम को झुकने की जरूरत न पड़े।
क्रिकेट टीम के गोल्ड पर सिस्टम ने कमर झुकाई, राजस्थान की बेटी के गोल्ड पर झुकना पड़ा खुद!
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