“महारानी अहिल्याबाई का शासन दर्शन आज भी प्रासंगिक” – डॉ. महेंद्र कुमार सिंह

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भारतीय जनता पार्टी, गाजियाबाद महानगर द्वारा त्रिशताब्दी स्मृति वर्ष 2025 के अंतर्गत पुण्यश्लोक महारानी अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन बुधवार, 21 मई 2025 को रूद्राक्ष बैंक्विट हॉल, शास्त्री नगर में किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र कुमार सिंह (मध्यप्रदेश प्रभारी, भाजपा) ने अपने विस्तृत उद्बोधन में महारानी अहिल्याबाई होलकर को भारत की सांस्कृतिक विरासत और सुशासन की जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “महारानी अहिल्याबाई ने अपने जीवन में शासन को सेवा का माध्यम बनाया। उनका जीवन भारतीय जनमानस के लिए प्रेरणा है। उन्होंने देशभर में धार्मिक, सांस्कृतिक और जनहितकारी निर्माण कार्य कराए—काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गंगा तट पर स्थित पुरी के होलकर मंदिर घाट तक। उन्होंने यह सिद्ध किया कि एक शासक जनभावनाओं और आस्था का संवाहक भी हो सकता है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा चारों धामों—केदारनाथ, बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम्—के कॉरिडोर निर्माण का जो भव्य कार्य हो रहा है, वह उसी परंपरा की पुनर्स्थापना है जिसकी नींव महारानी अहिल्याबाई ने रखी थी। भाजपा उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए गरीब, पीड़ित, शोषित वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। यह स्मृति वर्ष उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है।”कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने की। उन्होंने कहा कि महारानी अहिल्याबाई के निर्णय लोककल्याण के भाव से प्रेरित थे और गाजियाबाद महानगर भाजपा उनके सुशासन की प्रेरणा से जनसेवा और संगठन विस्तार में निरंतर कार्यरत है।कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि अहिल्याबाई होलकर का शहरी विकास का दृष्टिकोण आज भी प्रासंगिक है। “स्वच्छता, जनभागीदारी और नैतिक प्रशासन—ये उनकी शासन शैली की विशेषताएँ थीं, जिन्हें हम आज गाजियाबाद के विकास में आत्मसात कर रहे हैं।”पूर्व महापौर आशा शर्मा ने कहा, “अहिल्याबाई होलकर ने सामाजिक समरसता को सदैव प्राथमिकता दी। आज हम उसी भावना से युवाओं को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा के माध्यम से सशक्त बना रहे हैं। उनके आदर्श हमारे योजनागत दृष्टिकोण की नींव हैं।”

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