गाजियाबाद, 7 मार्च 2026 जनता की आवाज को मजबूती से बुलंद करते हुए गाजियाबाद नगर निगम के वार्ड 33 के पार्षद धीरेन्द्र यादव ‘बिल्लू’ ने आज महापौर सुनीता दयाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स में की गई भारी बढ़ोतरी (कुछ क्षेत्रों में 300-400 प्रतिशत तक) के विरोध में उठाया गया है, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
पार्षद धीरेन्द्र यादव ने इस्तीफा सौंपते हुए कहा, यह टैक्स वृद्धि जनता के साथ अन्याय है। लोग पहले से महंगाई से जूझ रहे हैं, और अब नगर निगम की यह मनमानी उन्हें और परेशान कर रही है। मैं जनता के हित में खड़ा हूं, इसलिए पद छोड़कर भी उनकी आवाज बनकर लड़ूंगा।
नगर निगम बोर्ड की हालिया बैठक में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कई पार्षदों ने टैक्स प्रस्ताव का विरोध किया, नारेबाजी की और विशेष सदन बैठक की मांग की। इससे पहले भी पार्षद धीरेन्द्र यादव (बिल्लू) जैसे अन्य जनप्रतिनिधियों ने इसी मुद्दे पर इस्तीफे की कार्रवाई की थी, लेकिन धीरेन्द्र यादव का यह कदम स्थानीय स्तर पर गाजियाबाद में काफी चर्चा में है।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि टैक्स बढ़ोतरी डीएम सर्किल रेट्स के अनुरूप की गई है और विकास कार्यों के लिए जरूरी है, लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी हाल में एक संबंधित पीआईएल को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद पार्षदों और नागरिकों का विरोध जारी है। कुछ पार्षदों ने 20 से अधिक इस्तीफों की चेतावनी भी दी थी।
समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता व पार्षद नवयुग मार्किट गाजियाबाद अम्बेडकर पार्क में आन्दोलन कर रहे हैं।
यह घटना गाजियाबाद में हाउस टैक्स विवाद को नया आयाम दे रही है। क्या यह इस्तीफा अन्य पार्षदों को भी प्रेरित करेगा? या नगर निगम कोई राहत पैकेज लाएगा? जनता की नजर अब महापौर और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।


